Super Computer क्या है?

Super Computer क्या है?

Super Computer कैसे काम करते है? कंप्यूटर के बारे में तो आप सभी जानते ही होंगे, लेकिन आज हम आपको सुपर कंप्यूटर के बारे में बताएंगे। अगर आप Super Computer के बारे में नहीं जानते हैं तो यह पोस्ट आपके लिए ही है। इस पोस्ट में आपको Super Computer के बारे में पूरी जानकारी  मिल जाएगी।

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इस पोस्ट में आपको सुपर कंप्यूटर क्या है? सुपर कंप्यूटर कैसे काम करता है? सुपर कंप्यूटर क्या क्या काम करता है? सुपर कंप्यूटर की कीमत कितनी होती है? दुनिया का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर कौनसा है? भारत का सबसे Fast Super Computer कौन सा है? यहा पर इन सब बातों की पूरी जानकारी मिलेगी। Super Computer क्या होता है और इसका क्या कार्य होता है?

सुपर कंप्यूटर सुनने में Computer का Super Version लगता है, यह बात सही भी है क्योंकि supercomputer ऐसे device को कहते है जो existing computer से fast processing करते हैं।

अगर हम पहले जमाने की बात करें तो कंप्यूटर में vacuum tubes और transistors का इस्तेमाल होता था और कंप्यूटर बड़े-बड़े room के आकार के हुआ करते थे।

लेकिन Integrated Circuit और microchips आने के बाद कंप्यूटर का साइज काफी हद तक कम हो गया है। आईये जानते हैं सुपर कंप्यूटर के बारे में।

सुपरकंप्यूटर क्या है? (What is Supercomputer)

सुपरकंप्यूटर एक सामान्य उद्देश्य वाले कंप्यूटर की तुलना में उच्च स्तर के प्रदर्शन वाला एक कंप्यूटर है। Supercomputer general purpose computer की तुलना में बहुत High Level की Calculation and computing perform कर सकता है।

यह सामान्य कंप्यूटर से हजारों गुना ज्यादा fast काम करता है। इसीलिए इसे supercomputer कहा जाता है। ये किसी भी समय सभी available computer system की तुलना में सबसे तेज और पावरफुल होता है।


सुपर कंप्यूटर प्रदर्शन सामान्यत: Floating Point Operation में Per Second/मिलियन निर्देशों की बजाय प्रति सेकंड मापा जाता है।


इस computer system को वहां पर काम में लिया जाता है जहां पर बहुत ज्यादा power and fast processing के साथ real time task perform की जरूरत होती है।


सुपर कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम:

सुपर कंप्यूटर की performance को FLOPS में measured किया जाता है, जिसका मतलब होता है Floating-point operations per second. इसीलिए जिस कंप्यूटर में जितनी ज्यादा FLOPS होंगी उतना ही ज्यादा Powerful होगा।

एक सुपर कंप्यूटर ऐसा कंप्यूटर होता है जोकि currently सबसे highest operational rate में perform करता है। इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल scientific और engineering applications करने के लिए किया जाता है।


सुपर कंप्यूटर काम कैसे करता है?

सुपर कंप्यूटर की जरूरत वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग प्रयोगो जिनमें बहुत ज्यादा database और high level के calculation की गणना की जरूरत पड़ती है, के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

Super Computer की Speed बहुत तेज,शक्तिशाली होते हैं। इसीलिए इनका उपयोग वहीं किया जाता है जहां पर बहुत तेजी से कैलकुलेशन करने की जरूरत होती है।


इसके अलावा इसका इस्तेमाल Special Operation में भी किया जाता है, क्योंकि स्पेशल  time बहुत कम होता है, उन ऑपरेशनो में कम समय में ज्यादा काम करना होता है।


सुपर कंप्यूटर क्या-क्या कार्य करता है?


Functions of Supercomputer:

  1. जलवायु अनुसंधान (Climate Research)
  2. मौसम की भविष्यवाणी ( Weather forecasting)
  3. शारीरिक सिमुलेशन (Physical Simulations)
  4. कोड ब्रेकिंग (Code Breaking)
  5. जेनेटिक एनालिसिस (Genetic Analysis)
  6. एनिमेटेड ग्राफिक्स (Animated Graphics)
  7. क्वांटम यांत्रिकी (Quantum Mechanics)
  8. आणविक मॉडलिंग (Molecular Modeling)
  9. तेल और गैस खोज (Oil and Gas)
  10. तरल गतिशील करना (Fluid Dynamic Calculations)
  11. परमाणु ऊर्जा अनुसंधान (Nuclear Energy Research)

सुपर कंप्यूटर की कीमत कितनी होती है?

Price of Super computer in Hindi: सुपर कंप्यूटर की कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि यह कितनी floating point per second की speed से गणना करता है।

सुपर कंप्यूटर स्पीड जितनी तेज होती है  सुपर कंप्यूटर उतना ही महंगा हो जाता है।
इसलिए सुपर कंप्यूटर को बनाना और इस्तेमाल करना आसान नहीं होता है। सामान्यत: सुपर कंप्यूटर की कीमत $20,000 होती है लेकिन बड़े सुपर कंप्यूटर की कीमत 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक होती है।

दुनिया का सबसे शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर भारत आया 

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस(AI) की दुनिया का और सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर DZX-2 भारत आ गया है । इसे जोधपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(IIT) में लगाया गया है इससे देश में आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस(AI) प्रशिक्षण गतिविधियों को बड़ावा मिलने की उम्मीद है।

 IIT जोधपुर के Computer Science विभाग के अध्यक्ष डॉ गौरव ने कहा,यह दुनिया में अपनी श्रेड़ी का सबसे तेज और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस Applications के लिए सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर है। 

डॉ. हरित ने कहा कि लगभग 2.50 करोड़ रुपए की लागत वाले इस कंप्यूटर की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 16 विशेष जीपीयू कार्ड लगे हैं और प्रत्येक की क्षमता 32 जीबी की है इसकी रैम 512 जीबी की है । उन्होंने कहा कि आम कंप्यूटर की क्षमता केवल 150 से 200 वाट होती है। जबकि इस सुपरकंप्यूटर की क्षमता 10KW से ज्यादा हो सकती है।

इससे AI के बड़े-बड़े Applications के प्रशिक्षण करने में बहुत मदद मिलेगी। हर कंप्यूटर प्रोग्राम डेटा विश्लेषण पर आधारित होता है और यह विश्लेषण इस सुपरकंप्यूटर में बहुत तेजी से होगा । कंप्यूटर में लगे 32 जीली श्रमता के 16जीपीयू कार्ड इसे क्षमता के लिहाज से खास बना देते हैं । और इसका परफॉर्मेंस काफी बढ़ जाता है । 
देश में इस समय IIT बेंगलुरू सहित कुछ संस्थानों में  सुपरकंप्यूटर मौजूद हैं। DZX-2 सुपरकंप्यूटर पहली बार देश में आया है और इसकी क्षमता से DZX-1 दोगुनी है।

विश्व का सबसे तेज कंप्यूटर (Supercomputer of the World)


विश्व के 2 सबसे तेज कंप्यूटर अमेरिका के हैं। इन दोनों कंप्यूटर के नाम, Summit and Sierra है। यह दोनों कंप्यूटर IBM के द्वारा उपयोग किये जाते हैं।

Summit को जून 2018 में दुनिया के सबसे तेज कंप्यूटर का ताज पहनाया गया था। उसने गणितीय परीक्षण LINPACK का प्रदर्शन 122.3 पेटाफ्लॉप्स प्रति सेकंड पर किया था।


Summit के पहले चीन का सनवे ताइहुलाइट (Sunway TaihuLight) विश्व का सबसे तेज कंप्यूटर था। जिसका अनुमानित मूल्य 273 मिलियन डॉलर था।


कुल मिलाकर दुनिया के 10 सबसे तेज सुपर कंप्यूटरों में 5 अमेरिकी, 1 चीनी और 1-1 स्वीटजरलैंड, जापान और जर्मनी का है।


भारत का सबसे तेज कंप्यूटर (Supercomputer of India)


जनवरी 2018 के हिसाब से, प्रत्यूष (Cray XC40) भारत का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर है। इसके मेमोरी 1.5 टेराबाइट है। इसका उद्घाटन (8 जनवरी 2018) को केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन द्वारा किया गया था।

यह पुणे में “भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान” (IITM) में स्थित है। भारत के सुपर कंप्यूटर की Top speed 42.56 TFLOPS per second है।


भारत के टॉप 5 सुपर कंप्यूटर।

  1. प्रत्यूष – Cray XC40
  2. मिहिर – Cray XC40
  3. InC1 – Lenovo C1040
  4. SERC – Cray XC40
  5. iDataPlex DX360M4


Supercomputer को कब और किसने बनाया?

आप अगर सुपर कंप्यूटर super computer का (History)इतिहास देखेंगे तो आपको पता लगेगा  कि इसमें किसी एक व्यक्ति का योगदान नहीं है, बल्कि यह बहुत से लोगों के योगदान से बना है।

कंप्यूटर को बनाने में अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग समय में अलग अलग योगदान दिया है। उसके बाद हमें यह amazing machine (computer) मिला है।


लेकिन अगर बात की जाए किसी एक ही व्यक्ति की तो सुपर कंप्यूटर को बनाने में सबसे ज्यादा योगदान Seymour Cray (1925-1996) ने दिया है। इसलिए उन्हें सुपर कंप्यूटर को बनाने में सबसे ज्यादा श्रेय दिया जाता है।


सुपर कंप्यूटर के लाभ:


IBM,PayPal जैसी कई बड़ी-बड़ी कंपनिया सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल करती है। सुपर कंप्यूटर ना सिर्फ नॉर्मल कंप्यूटर से ज्यादा स्पीड देता है बल्कि ऑनलाइन होने वाली धोखाधड़ी को भी कम से कम करता है।

Super Computer सामान्य कंप्यूटर की तुलना में बहुत तेजी से कार्य करता है। जिससे कम समय में ज्यादा से ज्यादा काम किया जा सकता हैं।


निष्कर्ष,

हम रोज में जो कंप्यूटर उपयोग करते हैं, उसे साधारण या Personal Computer कहा जाता है।


ये कंप्यूटर साधारण कार्य जैसे छोटी मोटी काम (गणना) करना, पिक्चर देखना,टाइपिंग करना ऐसे ही बहुत से छोटे कामो के लिए होते है लेकिन ये काम super computer से नहीं किये जाते। लेकिन बड़े-बड़े काम जैसे-(मौसम का हालचाल) के लिए Super Computer की जरूरत होती है। 

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